वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। यह कार्यशाला संस्थान के मेडिकल एजुकेशन यूनिट द्वारा संकाय सदस्यों के लिए “प्रोफेशनलिज्म इन मेडिकल एजुकेशन और स्टूडेंट असेसमेंट एक्ट” विषय पर आयोजित की गई थी। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता, आचरण और मूल्यांकन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाना रहा।
डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन द्वारा यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी (नैम्स) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यशाला में नैम्स के फैकल्टी और मास्टर ट्रेनर प्रो. तेजिंदर सिंह तथा आदेश विश्वविद्यालय से आए डॉ. राजीव महाजन ने संकाय सदस्यों को प्रशिक्षण दिया।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सी. एम. सिंह ने कहा कि यह वैल्यू एडेड कोर्स संकाय सदस्यों के लिए अत्यंत आवश्यक था। इससे शिक्षण कार्यशैली को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा छात्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनेगी।
कोर्स हेतु लगभग 35 संकाय सदस्यों ने एनरोल किया था। जिसमें यूपी के अन्य मेडिकल कॉलेजो से भी प्रतिभागी आए थे। प्रो०ज्योत्सना अग्रवाल,ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन एवं डॉ शीतांशु श्रीवास्त, ऑर्गनाइज़ सेक्रेटरी रही। नम्स के सपोर्ट से ये कार्यशाला कराई गई। कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता डॉ शशांक,डॉ श्रुति ,डॉ शुभम की भी रही।