वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सैय्यद नासिर हुसैन ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से ही नहीं, बल्कि गरीबों से भी घृणा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा के मूल स्वरूप को खत्म कर गरीबों से काम का अधिकार छीन लिया है।
सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और विकेंद्रीकृत विकास की सोच का प्रतीक रहा है। पिछले दो दशकों में यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा बनी, खासकर कोरोना काल में इसने बड़ी आर्थिक सुरक्षा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से मोदी सरकार ने बजट में कटौती, भुगतान में देरी, जॉब कार्ड हटाने और आधार आधारित भुगतान की बाध्यता जैसे कदमों से योजना को लगातार कमजोर किया, जिससे काम के दिन घटकर 50-55 रह गए।
उन्होंने कहा कि नया ढांचा मनरेगा को अधिकार आधारित योजना से हटाकर केंद्र नियंत्रित सशर्त योजना बना रहा है, जिससे संघीय ढांचे को भी नुकसान पहुंच रहा है। राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना और रोजगार को सीमित करना गरीबों के खिलाफ है।
नेशनल हेराल्ड मामले पर बोलते हुए सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि इसमें सच की जीत हुई है। अदालत द्वारा मामला खारिज किया जाना मोदी-शाह की बदले की राजनीति पर करारा तमाचा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आई। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।