वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नदियों के संरक्षण को लेकर किए जा रहे अभिनव प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन गए हैं। योगी सरकार द्वारा अपनाया गया हाईटेक रिवर ड्रोन सर्वे मॉडल इतना प्रभावी सिद्ध हुआ है कि केंद्र सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है। पहली बार किसी राज्य ने नदी संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए ड्रोन तकनीक का इतने व्यापक स्तर पर उपयोग किया है।
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के माध्यम से गंगा, यमुना, गोमती, वरुणा और पांडु नदियों के करीब 150 किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में किए गए इस सर्वे से नदियों की वास्तविक स्थिति, प्रदूषण के स्रोत और नालों के सीधे नदी में गिरने वाले बिंदुओं की सटीक पहचान संभव हो सकी है। इससे नदी पुनरुद्धार की योजनाओं को ठोस आधार मिला है। ड्रोन सर्वे का सबसे बड़ा लाभ कानपुर जिले को मिलने जा रहा है, जहां इसके आधार पर नदियों में जीरो डिस्चार्ज की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। योजना के क्रियान्वयन के बाद नदियों में गंदे पानी का प्रवाह पूरी तरह रोका जा सकेगा। वहीं लखनऊ में गोमती नदी के कायाकल्प के लिए ड्रोन सर्वे आधारित समग्र पुनरुद्धार योजना बनाई जा रही है।
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि इन प्रयासों से न केवल नदियों का कायाकल्प होगा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। तकनीक के प्रभावी उपयोग और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते उत्तर प्रदेश आज नदी संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।