वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ पब्लिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या से प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। खासकर शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
यूपीनेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से ईवी चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिल रही है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और इस्तेमाल करने को लेकर लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है। प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार की नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों से प्रदेश के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार के साथ ईवी की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में देश में तीसरा स्थान और 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण उत्तर प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।