वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण और आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। ऑनलाइन माध्यम से हुई बैठक में प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, रेंज के आइजी-डीआइजी, एसएसपी-एसपी समेत अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी शामिल हुए।
डीजीपी ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का असर दैनिक अपराध नियंत्रण में दिखाई देना चाहिए। प्राथमिकता वाले अपराधों और संवेदनशील मामलों की जनपद, रेंज और जोन स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा की जाए। लूट, डकैती, छिनैती, छेड़खानी, महिला अपराध, धर्म परिवर्तन, गोवध और गो-तस्करी जैसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में फेक न्यूज और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर संदिग्ध सूचनाओं का तत्काल सत्यापन करने को कहा गया। गलत या भ्रामक सामग्री मिलने पर नियमानुसार टेकडाउन और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रक्षाबंधन और बारावफात को देखते हुए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखने को कहा गया। प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों व एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग और पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। स्टंटबाजी और तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई होगी।
डीजीपी ने मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को नियमित प्रशिक्षण और ब्रीफिंग देने तथा उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा के निर्देश दिए। वहीं ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों का सही और अद्यतन आपराधिक इतिहास दर्ज करने पर जोर दिया गया। 60 और 90 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं की रोजाना समीक्षा के लिए केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पोर्टल के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए। उत्कृष्ट पर्यवेक्षण करने वाले क्षेत्राधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र देने के निर्देश भी दिए गए।