वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी की कीमतों में तेज उछाल ने आम लोगों के साथ मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में चीनी के दाम बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों में कीमत में लगभग 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में मांग के मुकाबले आपूर्ति करीब आधी रह जाने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
कारोबारियों का कहना है कि चीनी का मौजूदा स्टाक सीजन के अंतिम दौर में कम हो गया है। दूसरी ओर रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दीपावली जैसे त्योहार नजदीक होने के कारण मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी के दाम में और उछाल की आशंका जताई जा रही है। इस बार चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में करीब पांच प्रतिशत कम रहने का असर भी बाजार पर पड़ा है। नया पेराई सत्र अक्तूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। कारोबारियों के अनुसार, चीनी मिलों ने बेहतर लाभ के लिए गन्ने से चीनी बनाने की बजाय एथेनॉल उत्पादन को भी प्राथमिकता दी। पेट्रोल और शराब बनाने वाली कंपनियों की ओर से एथेनॉल की मांग बढ़ने से चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ।
त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ने से चीनी की खपत भी बढ़ेगी। कारोबारियों के मुताबिक मिठाई उत्पादन की लागत में चीनी की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत तक होती है। आपूर्ति कम होने से मिठाई कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कारोबारियों के अनुसार व्यावसायिक सिलिंडर पर सरकार की ओर से 375 रुपये की राहत के बावजूद लागत का दबाव कम नहीं हुआ है। कच्चे माल की लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इससे कारोबारियों का मुनाफा प्रभावित हो रहा है। बाजार में सीमित स्टाक और बढ़ती मांग के बीच अब चीनी की कीमतों पर सभी की नजर है।