वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। निजी अस्पतालों में दवाओं की खरीद और मरीजों को उनकी बिक्री की कीमतों की जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। 30 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच राजधानी के 12 निजी अस्पतालों की फार्मेसी में छापेमारी की गई। जांच के दौरान लखनऊ के अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओपीडी फार्मेसी में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिलने पर उसे बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच टीमों के अनुसार मेदांता अस्पताल की फार्मेसी में महंगी दवाओं के सस्ते विकल्प उपलब्ध होने की स्थिति भी देखी गई। कुल 26 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमों ने अस्पतालों में दवाओं की खरीद और मरीजों को बिक्री मूल्य से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान 38 दवाओं के नमूने लिए गए हैं।
अधिकारियों ने फार्मेसियों में फार्मासिस्ट की मौजूदगी, दवाओं का स्टॉक, बिलिंग रिकॉर्ड, मेडिकल ऑक्सीजन से संबंधित अभिलेख, कोल्ड चेन और दवाओं के भंडारण की व्यवस्था भी परखी। जांच में कुछ अधिक इस्तेमाल होने वाली और जीवनरक्षक दवाएं ऐसी मिलीं, जिन्हें अस्पतालों को प्रिंटेड एमआरपी से काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा था। इसके बावजूद मरीजों को वही दवाएं एमआरपी या मामूली छूट के साथ बेचे जाने की जानकारी सामने आई। ऐसी दवाओं को चिह्नित कर उनके नमूने लिए गए हैं।
टीमों ने दवाओं की प्रिंटेड एमआरपी और थोक आपूर्तिकर्ता के पीटीआर के बीच अंतर की भी जांच की। विभाग अब दवा की खरीद से लेकर अस्पताल की फार्मेसी और मरीज को बिक्री तक पूरी प्रक्रिया की पड़ताल करेगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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