वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना, लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षा के साथ संस्कारों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना को आत्मसात करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की दिशा तय करने में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका होती है। बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक ज्ञान और तकनीक का समावेश जरूरी है, लेकिन भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ाव भी बना रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें सेवा, संवेदना और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने वाले प्रमुख मार्गदर्शक हैं। सम्मेलन में शिक्षकों की गरिमा, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।