वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश में 1,500 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यूपी रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (यूपीआरईवी) की ओर से इस दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
योजना के मौजूदा चरण में 20 समूहों के तहत 238 स्थान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 99 स्थानों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 139 स्थानों के एमओयू लंबित हैं। स्वीकृत स्थानों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ के साथ आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, मथुरा और वाराणसी शामिल हैं।
दूसरे चरण में अब तक 240 स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं। शेष 1,260 स्थानों का चयन किया जाना है। इसके तहत नगर निगमों, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, परिवहन विभाग, विद्युत वितरण कंपनियों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और मंडी समितियों समेत विभिन्न विभागों के परिसरों को शामिल किया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्रों में 129 स्थान चिह्नित किए गए हैं। वहीं रोडवेज के लिए 74, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए 10 और विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 26 स्थान प्रस्तावित हैं। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, औद्योगिक पार्क, विश्वविद्यालय, गन्ना संस्थान, मंडी समितियां, जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन और तहसील कार्यालय भी संभावित स्थानों में शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, बस स्टेशनों, औद्योगिक पार्कों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, ढाबों और पार्किंग स्थलों समेत अन्य उपयुक्त स्थानों का चिन्हीकरण कर प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों में 60 किलोवाट क्षमता के दो डीसी चार्जर और 12 किलोवाट क्षमता के एक एसी/डीसी चार्जर का प्रावधान है।