वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में कार्यरत तीन कर्मचारियों के दायित्व में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने केडी तिवारी, बजरंग पाठक और सोमेश को उनके मौजूदा कार्यों से हटाकर तीर्थ क्षेत्रपुरम में नई जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, तीनों को ट्रस्ट की सेवा से हटाया नहीं गया है, बल्कि उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।
केडी तिवारी मंदिर परिसर में भगवान रामलला के आभूषणों से जुड़े रिकॉर्ड और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें इस दायित्व से मुक्त कर तीर्थ क्षेत्रपुरम में नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह बजरंग पाठक वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रसाद से जुड़े कार्य देखते थे। उनका भी कार्यक्षेत्र बदल दिया गया है। तीसरे कर्मचारी सोमेश यात्री सुविधा केंद्र की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका वाले इस केंद्र का दायित्व अब उनके पास नहीं रहेगा। ट्रस्ट ने उन्हें भी तीर्थ क्षेत्रपुरम में नई जिम्मेदारी सौंपी है।
तीर्थ क्षेत्रपुरम का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। तीनों कर्मचारियों के दायित्व में बदलाव के बाद मंदिर परिसर में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के करीबी माने जाते रहे हैं। हालांकि, दायित्व परिवर्तन के पीछे ट्रस्ट की ओर से किसी विशेष कारण की जानकारी सामने नहीं आई है। मंदिर परिसर में अब रामलला के आभूषणों के रिकॉर्ड, वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रसाद और यात्री सुविधा केंद्र से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी नए स्तर पर तय की जाएगी। ट्रस्ट के इस प्रशासनिक बदलाव को मंदिर की व्यवस्थाओं में फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है।