वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति, संस्था और जनप्रतिनिधि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। यह बात उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राजधानी के एक होटल में विधायकों के लिए आयोजित “साइबर सुरक्षा : ए डिजिटल सिक्योरिटी ब्रीफिंग फॉर लेजिस्लेटर्स” कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञ पीयूष दुबे ने विधायकों को फिशिंग, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, पासवर्ड चोरी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और डिजिटल पहचान के दुरुपयोग जैसे खतरों की जानकारी दी। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी व पासवर्ड साझा न करने तथा संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। साथ ही मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मोबाइल-कंप्यूटर को नियमित अपडेट रखने पर जोर दिया।
सतीश महाना ने कहा कि विधायकों को स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने के साथ अपने क्षेत्रों की जनता को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में विधानसभा में उठाए गए जनहित के मुद्दों और किए गए कार्यों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता भी बताई।
राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए बदलावों की सराहना करते हुए विधानसभा को देश की मॉडल विधानसभा बताया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, रजनी तिवारी, राकेश राठौर समेत बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे। विशेषज्ञ से विधायकों ने सवाल-जवाब कर साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।