वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा का अवसर सौभाग्य से मिलता है। अपयश के बाद भी जनता की सेवा में निरंतर जुटा रहने वाला जनप्रतिनिधि ही वास्तव में सबसे बड़ा जनप्रतिनिधि होता है। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक के लिए उसका जनप्रतिनिधि सबसे बड़ा सहारा होता है, इसलिए राजनीतिक परिस्थितियां कैसी भी हों, जनसेवा का दायित्व निरंतर निभाया जाना चाहिए।
लखनऊ के होटल सेंट्रम में मंगलवार को ‘साइबर सुरक्षा : ए डिजिटल सिक्योरिटी ब्रीफिंग फॉर लेजिस्लेटर्स’ विषय पर चौथी एवं अंतिम कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे दिन समाज के लिए काम करता है, लेकिन सोशल मीडिया पर दो-चार नकारात्मक टिप्पणियों से हताश हो जाता है। उन्होंने सदस्यों से ऐसे कमेंट्स से प्रभावित हुए बिना जनता की सेवा करते रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा होना और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास करना उसकी जिम्मेदारी है। विधानसभा चुनाव निकट होने के मद्देनजर उन्होंने सभी सदस्यों से संयम, मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ दायित्व निभाने की अपील की।
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा, डिजिटल खतरों और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को मोबाइल, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्क रहने की सलाह दी।
कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डिजिटल युग में प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए तकनीक और साइबर सुरक्षा की जानकारी जरूरी है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण और कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने भी साइबर सुरक्षा के महत्व पर विचार रखे। कार्यशाला में विधायकों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने जवाब दिया। अध्यक्ष ने विधानसभा अधिकारियों को कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।