वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं। गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक स्थित नाहरपुर गांव की उषा देवी इसकी प्रेरक मिसाल हैं। कभी परिवार के खर्च पूरे करने में मुश्किलों का सामना करने वाली उषा देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर किराने की दुकान शुरू की और आज न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि करीब 130 महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ने में भूमिका निभा रही हैं।
उषा देवी बताती हैं कि करीब चार वर्ष पहले पड़ोसी गांव की महिलाओं से उन्हें स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी मिली। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार के संबंध में जानकारी मिली और आत्मविश्वास बढ़ा। जुलाई 2022 में समूह के माध्यम से उन्हें 1.50 लाख रुपये का ऋण मिला। इस धनराशि से उन्होंने किराने की दुकान को विस्तार दिया। मेहनत और लगन से कारोबार आगे बढ़ा और दुकान परिवार के लिए नियमित आय का जरिया बन गई।
उषा देवी अब समूह सखी के रूप में भी काम कर रही हैं। उनके नेतृत्व में नौ स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं, जिनसे करीब 130 महिलाएं जुड़ी हैं। समूह से जुड़ी महिलाएं बकरी पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई और छोटे व्यवसायों के जरिए आमदनी बढ़ा रही हैं। उषा देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ अपने पैरों पर खड़े होने का भरोसा दिया है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं परिवार के साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती हैं।