वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। भर्ती परीक्षाओं के परिणाम की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी और बिना भेदभाव सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद युवाओं को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अब जापान, जर्मनी और इजराइल समेत दुनिया के कई देशों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर प्रदेश और देश के विकास में इसका लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों से कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया से मिली नियुक्ति के बाद वे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। यही ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना है। उन्होंने भर्ती आयोगों और बोर्डों की पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि अधियाचन मिलने के छह महीने के भीतर परिणाम आ जाना चाहिए। एक महीने में विज्ञापन और अगले दो महीने में परीक्षा कराने की दिशा में काम किया जाए। प्रक्रिया को सरल बनाकर युवाओं को अनावश्यक इंतजार से बचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और नकल माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों में चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। योग्य युवा परेशान होते थे और भर्तियां न्यायालय में अटक जाती थीं। अब नकल माफिया की कमर तोड़ी गई है और उनकी संपत्तियां जब्त कर कार्रवाई की गई है।
योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाएं महीनों चलती थीं और परिणाम में भी लंबा समय लगता था। आज 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में पूरी होती है और अगले 14 दिन में परिणाम घोषित हो जाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की उपेक्षा कर कोई सरकार विकास नहीं कर सकती। नियुक्तियों और रोजगार के माध्यम से युवा शक्ति को प्रदेश की प्रगति का आधार बनाया जा रहा है।