वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की ओर से महिलाओं के लिए ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ समेत कई घोषणाएं किए जाने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के मुंह से महिला सुरक्षा और सम्मान की बात महज छलावा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति को भूली नहीं है।
केशव मौर्य ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश ने सपा की कथित गुंडागर्दी, अपराध, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाली राजनीति देखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचारियों को भी संरक्षण मिलता था। मौर्य ने कहा कि सपा का पीडीए अब ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ तक सीमित दिखाई देता है और प्रदेश की महिलाएं पार्टी की कथित चाल और झांसे को समझती हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रीय महिला समानता दिवस पर संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ की घोषणा की थी। सपा के अनुसार, सरकार बनने पर गरीब महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इंटर पास छात्राओं को लैपटाप और साइकिल देने, महिलाओं की सरकारी बसों में निश्शुल्क यात्रा और छात्राओं के लिए मेट्रो यात्रा मुफ्त करने की भी घोषणा की गई है।
अखिलेश ने कहा था कि सपा सरकार बनने पर महिला सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों को फिर खोलने, सरकारी स्कूलों में फीस माफ और निजी स्कूलों में फीस आधी करने तथा पोषण मिशन को दोबारा शुरू करने का वादा किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकाल की नाकामियों को छिपाने के लिए सपा फिर चुनावी वादों का पिटारा लेकर आई है। उन्होंने सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा को महिला मतदाताओं को लुभाने का प्रयास बताया। चौधरी ने सवाल उठाया कि सपा शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई और महिला आरक्षण कानून को लेकर पार्टी का रुख क्या था। उन्होंने कहा कि जनता अब खोखली घोषणाओं से प्रभावित होने वाली नहीं है।