वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अमेठी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को अमेठी के जायस स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी) में नवनिर्मित एससी बोस, होमी भाभा और विद्यासागर छात्रावासों का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के 17 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और 1.20 लाख रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ओदारी गांव पहुंचे और लाभार्थी कृष्णा मौर्य के घर जाकर उन्हें स्वीकृति पत्र और डेमो चेक सौंपा।
कार्यक्रम में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसके युवा, वैज्ञानिक और शोधकर्ता होते हैं। भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरजीआईपीटी के विद्यार्थियों से पेट्रोलियम, ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, ग्रीन फ्यूल, जैव ईंधन और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार करने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र भविष्य की प्रमुख जरूरतों में शामिल है और भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आरजीआईपीटी जैसे संस्थान केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने वाली प्रयोगशालाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, तकनीकी विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ जनकल्याण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आरजीआईपीटी निदेशक आचार्य हरीश हिरानी ने संस्थान की उपलब्धियों और नए छात्रावासों की सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए छात्रावासों से विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी और शैक्षणिक व शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।