वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। केजीएमयू में वर्ष 2023 में हुई नर्सिंग ऑफिसर भर्ती अब विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की जांच के दायरे में आ गई है। 1276 पदों पर हुई भर्ती को लेकर उठे सवालों के बाद एसटीएफ ने संबंधित पत्रावलियों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच में चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
एसटीएफ दूसरे राज्यों से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन कराएगी। भर्ती में उत्तर प्रदेश के युवाओं की अनदेखी किए जाने के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया पर विधायक, एमएलसी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए थे।
जांच एजेंसी भर्ती के विज्ञापन जारी होने से लेकर चयन प्रक्रिया पूरी होने तक लिए गए फैसलों की पड़ताल करेगी। विज्ञापन के बाद चयन प्रक्रिया में बदलाव किए जाने के आरोपों की भी जांच होगी। इसके अलावा ओएमआर आधारित मैनुअल परीक्षा कराने के निर्णय को लेकर उठे सवालों पर भी एसटीएफ अधिकारियों से जानकारी लेगी। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण जुटाने के साथ उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसटीएफ यह भी पता लगाएगी कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया में किस स्तर पर कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे और महत्वपूर्ण निर्णय किसके स्तर पर लिए गए।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ की टीम जल्द ही केजीएमयू पहुंचकर भर्ती से संबंधित दस्तावेज और पत्रावलियां खंगाल सकती है। दस्तावेजों की जांच के बाद परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की पड़ताल तेज होने की संभावना है। भर्ती में किसी तरह की अनियमितता या धांधली के साक्ष्य मिलने पर संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाएगी।