वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। घर बैठे पैसे कमाने के लालच में लोग तेजी से साइबर ठगों के जाल में फंसते जा रहे हैं। साइबर अपराधी व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक कर लेते हैं और कुछ ही समय में बैंक खातों से मोटी रकम साफ कर देते हैं। सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट या पार्ट टाइम जॉब के नाम पर रुपये कमाने का झांसा देने वाले गिरोह अब नया तरीका अपनाकर पहले मुनाफा देकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम हड़प लेते हैं।
साइबर विशेषज्ञ प्रशांत वर्मा के अनुसार वर्क फ्रॉम होम या पार्ट टाइम जॉब की तलाश में लोग कई बार बिना जांच-पड़ताल के वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं। ठग ऐसी ही फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों का डेटा हासिल करते हैं। इसके बाद फोन कर शुरुआत में एक हजार या दो हजार रुपये का मुनाफा देकर विश्वास पैदा किया जाता है। जब व्यक्ति भरोसे में आ जाता है, तो अधिक निवेश पर ज्यादा कमाई का लालच देकर उससे बड़ी रकम ट्रांसफर करा ली जाती है।
कृष्णानगर निवासी आलोक सोनी ने बताया कि उनके जानने वाले कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। उनके अनुसार साइबर ठगी को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें। साइबर जालसाज एपीके फाइल के जरिए फोन हैक कर बैंकिंग ऐप और ओटीपी तक पहुंच बना लेते हैं। इसके बाद खातों से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंजान नंबर से भेजी गई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर दोस्ती कर महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देने वाले भी सक्रिय हैं। बाद में खुद को कस्टम अधिकारी बताकर कॉल कर कस्टम ड्यूटी के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। ऐसी किसी भी कॉल या संदेश से सावधान रहने की जरूरत है।