वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी के रकाबगंज चौराहे पर नगर निगम की लापरवाही को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी नाराजगी है। चौराहे पर लगाया गया देश की शान तिरंगा झंडा अंधेरे में लहराता दिखाई दे रहा है, जिसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि महीनों से चौराहा अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे न केवल राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो रहा है, बल्कि आमजन और कारोबारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
रकाबगंज व्यापार मंडल के पदाधिकारी संजय रस्तोगी के अनुसार इस गंभीर समस्या को लेकर मेयर और पुलिस कमिश्नर को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह चौराहा शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन लाखों लोग, वाहन और व्यापारी गुजरते हैं। अंधेरे के कारण किसी भी समय आपराधिक घटना होने की आशंका बनी रहती है, जिसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
व्यापारियों का कहना है कि जब राष्ट्रीय ध्वज तक पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रकाबगंज व्यापार मंडल को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ सकता है। व्यापारियों ने नगर निगम अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही से जनभावनाओं को ठेस पहुंच रही है और सत्ताधारी दल की छवि भी प्रभावित हो रही है।