वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। चंद्रा डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रोस्थोडॉन्टिक्स डिपार्टमेंट द्वारा “गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी” विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप के मुख्य अतिथि केजीएमयू के फैकल्टी एवं उत्तर प्रदेश डेंटल काउंसिल के वाइस-प्रेसिडेंट प्रो. कमलेश्वर सिंह रहे। उन्होंने गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्लिनिकल एक्सपर्टीज़ का उत्कृष्ट संयोजन है, जो आधुनिक इम्प्लांट डेंटिस्ट्री की दिशा तय कर रहा है।
प्रो. कमलेश्वर ने बताया कि सीबीसीटी इमेजिंग और डिजिटल इंप्रेशन के माध्यम से सटीक डायग्नोसिस किया जाता है, जिससे एनाटॉमिकल संरचनाओं का बेहतर आकलन संभव होता है। एडवांस्ड प्लानिंग सॉफ्टवेयर की मदद से इम्प्लांट की पोजिशन, एंगुलेशन और डेप्थ को सर्जरी से पहले ही वर्चुअली प्लान किया जा सकता है, जिससे फंक्शन, एस्थेटिक्स और बायोमैकेनिक्स में संतुलन बना रहता है। सर्जिकल गाइड के उपयोग से जोखिम कम होता है, सर्जिकल ट्रॉमा घटता है और मरीज को तेजी से आराम मिलता है, खासकर उन मामलों में जहां हड्डी की उपलब्धता कम होती है।
कॉलेज के वाइस-प्रिंसिपल और प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि इम्प्लांट डेंटिस्ट्री तेजी से विकसित हो रही है और गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी डिजिटल डेंटिस्ट्री का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह छात्रों और युवा डॉक्टरों के लिए एक प्रभावी शैक्षणिक साधन भी है।
वर्कशॉप में गेस्ट स्पीकर डॉ. नवनीत कुमार ने लाइव सर्जिकल प्रोसीजर प्रस्तुत कर व्यावहारिक जानकारी दी। गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. श्रुति शर्मा ग्रोवर ने कार्यक्रम की सराहना की, जबकि प्रिंसिपल डॉ. अरुण वर्मा ने इसे एकेडमिक एक्सीलेंस और एडवांस्ड डेंटल एजुकेशन के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। विभिन्न कॉलेजों के फैकल्टी मेंबर, डॉ. गौरव चंद्रा, डॉ. अमृता जायसवाल, डॉ. पंकज कुमार यादव, डॉ. प्रदीप कुमार पांडे, डॉ. कौशिक पांडे, डॉ. देवेंद्र चोपड़ा ,डॉ अभिषेक कौशिक और डॉ. निवेदिता राय ने हिस्सा लिया और प्रोग्राम को सफल बनाने में मदद की।