वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी. महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने सनातन सांस्कृतिक समन्वय की अनूठी परंपरा को मजबूत करते हुए एक विशेष धार्मिक आयोजन किया। काशी और मथुरा के बीच हरि-हर के शाश्वत संबंध को साकार करने वाला यह कार्यक्रम दिनांक 09.02.2026 को संपन्न हुआ।म
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने सनातन सांस्कृतिक समन्वय की अनूठी परंपरा को मजबूत करते हुए एक विशेष धार्मिक आयोजन किया। काशी और मथुरा के बीच हरि-हर के शाश्वत संबंध को साकार करने वाला यह कार्यक्रम दिनांक 09.02.2026 को संपन्न हुआ।
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर न्यास से पधारे सम्मानित प्रतिनिधियों ने भगवान विश्वेश्वर के लिए पावन उपहार लाए। डमरू, शंख और मंत्रोच्चार की पवित्र ध्वनि के बीच इन भेंटों को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया। ये उपहार महाशिवरात्रि पर विश्वेश्वर महादेव को अर्पित किए जाएंगे।
इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने प्रतिक्रिया में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थली के लिए विशेष उपहार भेंट किए। भगवान विश्वेश्वर के दर्शन कराने के बाद लड्डू गोपाल के प्रतिनिधियों को विधिपूर्वक दक्षिणा सहित सम्मानित किया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने उन्हें सादर प्रणाम अर्पित कर विदा किया।
यह नवाचार सनातन धर्म की हरि-हर महिमा का जीवंत प्रतीक है, जो काशी-मथुरा के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता को सुदृढ़ करता है। आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति, समरसता और सनातन संस्कृति की अनुपम अनुभूति प्रदान की।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर न्यास के प्रति हार्दिक आभार जताया तथा सभी शिवभक्तों और कृष्णभक्तों को शुभकामनाएं दीं। ।। श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम ।।मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर न्यास से पधारे सम्मानित प्रतिनिधियों ने भगवान विश्वेश्वर के लिए पावन उपहार लाए। डमरू, शंख और मंत्रोच्चार की पवित्र ध्वनि के बीच इन भेंटों को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया। ये उपहार महाशिवरात्रि पर विश्वेश्वर महादेव को अर्पित किए जाएंगे।
इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने प्रतिक्रिया में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थली के लिए विशेष उपहार भेंट किए। भगवान विश्वेश्वर के दर्शन कराने के बाद लड्डू गोपाल के प्रतिनिधियों को विधिपूर्वक दक्षिणा सहित सम्मानित किया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने उन्हें सादर प्रणाम अर्पित कर विदा किया।
यह नवाचार सनातन धर्म की हरि-हर महिमा का जीवंत प्रतीक है, जो काशी-मथुरा के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता को सुदृढ़ करता है। आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति, समरसता और सनातन संस्कृति की अनुपम अनुभूति प्रदान की।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर न्यास के प्रति हार्दिक आभार जताया तथा सभी शिवभक्तों और कृष्णभक्तों को शुभकामनाएं दीं। ।। श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम ।।