वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। भारतीय हेमेटोलॉजी एवं रक्त आधान सोसाइटी (ISHBT) के 66वें वार्षिक सम्मेलन हेमेटोकॉन 2025 के अंतर्गत डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ के पैथोलॉजी विभाग में पूर्व-सम्मेलन कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया। कार्यशालाओं का आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह एवं पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. नुजहत हुसैन के संरक्षण में हुआ। दो समानांतर कार्यशालाएँ “हीमोग्लोबिनोपैथी निदान” तथा “लिंफोमा मॉर्फोलॉजी एवं इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री” आयोजित की गईं।
हीमोग्लोबिनोपैथी निदान कार्यशाला का समन्वय प्रो. (डॉ.) नम्रता पी. अवस्थी, प्रोफेसर, पैथोलॉजी एवं प्रमुख, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी द्वारा किया गया। इसमें थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग जैसे हीमोग्लोबिन विकारों के निदान हेतु एचपीएलसी एवं आणविक तकनीकों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित हुए। फोमा मॉर्फोलॉजी एवं इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री कार्यशाला का समन्वय प्रो. (डॉ.) प्रद्युम्न सिंह, डीन एवं प्रोफेसर, पैथोलॉजी द्वारा किया गया। देश के प्रमुख विशेषज्ञों ने 22-हेडर माइक्रोस्कोपी के माध्यम से लिंफोमा निदान के रूपात्मक एवं इम्यूनोहिस्टोकेमिकल पहलुओं पर लाइव केस डिस्कशन और व्याख्यान प्रस्तुत किए।
दोनों कार्यशालाओं में लगभग 30-30 प्रतिभागियों ने भाग लिया और सत्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की। इन कार्यशालाओं ने हेमेटोकॉन 2025 के मुख्य सम्मेलन की एक प्रभावशाली एवं सफल शुरुआत का आधार तैयार किया।