वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के अवसर पर महिलाओं के प्रति राज्य में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में वर्ष में दो बार नवरात्र के दौरान जगतजननी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और अनुष्ठान से श्रद्धालु आध्यात्मिक उल्लास से जुड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी और आगामी विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन के प्रत्येक पहलू में नारी शक्ति के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव है। उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रदेश में अनेक कार्यक्रम चलाए जाने की जानकारी दी और कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम और अपराधियों को सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान भी संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की आस्था में नारी शक्ति का सर्वोच्च स्थान है और सरकार इसी भाव से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। इसके तहत मिशन शक्ति के पांचवें चरण की शुरुआत की गई है, जिसमें पंचायत स्तर तक महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटियां सुरक्षित और सम्मानित हैं, वहां समाज भी सुरक्षित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला, मातृ वंदना और सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में लाखों महिलाओं को पेंशन और छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। विजयदशमी पर्व को धर्म, न्याय और सदाचार की विजय का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस दिन रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।