वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान, लखनऊ में “विश्व होस्पाइस एवं पैलिएटिव केयर दिवस” के अवसर पर “Palliative Care: Compassionate Approach to Healing” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में के.जी.एम.यू., लखनऊ की प्रो. सरिता सिंह, प्रोफेसर एवं इंचार्ज, पेन एवं पैलिएटिव केयर यूनिट ने सहभागिता की।
मुख्य अतिथि प्रो. भट्ट ने कहा कि पैलिएटिव केयर केवल रोग का नहीं, बल्कि रोगी के समग्र जीवन का उपचार है। इसमें करुणा, संवेदना और सहानुभूति की विशेष भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में पैलिएटिव केयर रोगियों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। विशिष्ट अतिथि प्रो. सरिता सिंह ने कहा कि पैलिएटिव केयर एक करुणामय दृष्टिकोण है, जो रोगी की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक आवश्यकताओं को संतुलित रूप से संबोधित करता है। उन्होंने इसे चिकित्सा सेवा का एक मानवीय आयाम बताया, जो रोगी को जीवन के प्रति आशा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
संगोष्ठी में डॉ. ऋतु, डॉ. विज्येद्र, डॉ. सबुही कुरैशी, डॉ. आयुष लोहिया, डॉ. वरुण, डॉ. आसीम, डॉ. अर्चना और डॉ. रूचि सहित विभिन्न विभागों के रेसिडेंट्स एवं नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। वक्ताओं ने पैलिएटिव केयर के नैतिक, सामाजिक एवं चिकित्सीय पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और कैंसर रोगियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने स्तर पर करुणा आधारित चिकित्सा पद्धति को अपनाकर रोगियों को बेहतर और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में योगदान देंगे।