वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किया है, जिससे युवाओं को तकनीकी हुनर के साथ सॉफ्ट स्किल्स और एआई आधारित प्रशिक्षण मिलेगा। यह पहल व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में की गई।
मिशन मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मिशन निदेशक पुलकित खरे की उपस्थिति में नॉन-फाइनेंशियल एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता से सशक्त बनाना है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। भारतेंदु नाट्य अकादमी के सहयोग से युवाओं को मंच कला और अभिव्यक्ति कौशल का प्रशिक्षण मिलेगा। ओरैकल के ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जाएगा। हेल्ड हाई फाउंडेशन, मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन, द अप्रेंटिस प्रोजेक्ट और रैना एजुकेशन फाउंडेशन के साथ साझेदारी से प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या मंडलों में फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग, एआई और मशीन लर्निंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि मंच कला से मशीन लर्निंग तक बहुआयामी कौशल का संगम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा और मजबूत उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।