Breaking News

“एआई का जिम्मेदार उपयोग और डिजिटल डिवाइड को खत्म करना लोकतंत्र की नई दिशा” : ओम बिरला, स्पीकर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बारबाडोस/ नई दिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बारबाडोस में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के 68वें सम्मेलन के दौरान राष्ट्रमंडल देशों के सांसदों से आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को बढ़ावा दें तथा डिजिटल डिवाइड की समस्या को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का विवेकपूर्ण उपयोग लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं सहभागी बना सकता है।
‘प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना: डिजिटल परिवर्तनों के माध्यम से लोकतंत्र को सशक्त बनाना और डिजिटल डिवाइड को दूर करना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए श्री बिरला ने कहा कि आपसी सहयोग और ज्ञान-साझा से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि तकनीक समाज में विभाजन का कारण न बनकर संवाद और समावेशन का सेतु बने। लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसदीय व्यवस्था में प्रौद्योगिकी के उपयोग से ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने बताया कि ई-संसद पहल ने संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनसहभागी बनाया है। श्री बिरला ने कहा कि एआई आधारित डिजिटल प्रणालियाँ संसद की प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और समावेशी बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि “संसद भाषिणी” जैसी रियल-टाइम एआई अनुवाद प्रणाली के माध्यम से निकट भविष्य में प्रत्येक सांसद अपनी भाषा में संवाद कर सकेगा, जिससे भारत जैसे विविध भाषाओं वाले देश में लोकतंत्र और भी सशक्त होगा।
श्री बिरला ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब जनता अपनी संसद से जुड़ी रहती है, और इस जुड़ाव को तकनीक ने पहले से कहीं अधिक सुगम बनाया है। उन्होंने बताया कि “डिजिटल संसद” पहल के तहत भारत की संसद ने एक एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया है, जो सांसदों, मंत्रालयों और नागरिकों को एक ही मंच पर जोड़ता है। भारत द्वारा हासिल की गई डिजिटल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि देश ने 1.4 अरब नागरिकों के लिए सस्ती और सुलभ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तैयार की है, जिसने शासन और अर्थव्यवस्था दोनों को रूपांतरित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत का “एआई मिशन” — ‘एआई फॉर ऑल’ और ‘एआई फॉर गुड’ — प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जिसमें एआई को केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि नागरिक सशक्तिकरण और पारदर्शी शासन का साधन माना गया है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट्स को जन आंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार एक लाख से अधिक नागरिकों को एआई से संबंधित निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, जिससे नवाचार और जागरूकता को बल मिल रहा है।
श्री बिरला ने कहा कि भारत का डिजिटल परिवर्तन विश्व के लिए प्रेरणा है, जिसने लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनसहभागिता को नई दिशा दी है।

Check Also

मौलाना कल्बे जवाद नक़वी को मिला पहला इमाम ख़ुमैनी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार तेहरान/लखनऊ। मजलिसे उलमा ए हिन्द के महासचिव मौलाना कल्बे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES