– सुरक्षित स्टोरेज और आसान एक्सेस का भरोसेमंद समाधान
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। भारत में तेजी से बढ़ रही क्रिएटर इकोनॉमी के साथ डिजिटल कंटेंट के आकार और जटिलता में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। दो से ढाई मिलियन क्रिएटर आज सक्रिय हैं, और उनकी जरूरतें पारंपरिक स्टोरेज सॉल्यूशन से कहीं आगे निकल चुकी हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए वेस्टर्न डिजिटल का डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस (WD Red-powered NAS) क्रिएटर्स को एक मजबूत, स्केलेबल और विश्वसनीय विकल्प दे रहा है, जो उन्हें न केवल कंटेंट स्टोर करने की सुविधा देता है, बल्कि वर्कफ्लो पर भी पूरा नियंत्रण प्रदान करता है।
ओवैस मोहम्मद, डायरेक्टर, सेल्स, एमईए एवं भारत, वेस्टर्न डिजिटल के मुताबिक, आज वायरल वीडियो हो या हाई-रिजॉल्यूशन ग्राफिक्स, हर एक प्रोजेक्ट भारी डेटा की मांग करता है। अनुमान है कि वर्ष 2028 तक दुनिया में डेटा निर्माण 394 ज़ेटाबाइट्स तक पहुंच जाएगा, जो साल 2005 में केवल 0.425 ज़ेटाबाइट्स था। ऐसे में क्रिएटर्स को ऐसे स्टोरेज सिस्टम की जरूरत है, जो भविष्य की जरूरतों को आज से पूरा कर सके।
हाल ही में कराए गए एक सर्वे के अनुसार 87% भारतीय उपभोक्ता अपने डेटा का बैकअप लेकर रखते हैं, लेकिन डिवाइस फेल्योर, फाइल्स का बिखराव और कमजोर वर्कफ्लो जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती हैं। डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस इन्हीं दिक्कतों को हल करता है। यह एक ऑलवेज-ऑन, सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज प्लेटफॉर्म देता है, जो कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर और रिमोट वर्कर्स के लिए बेहद उपयोगी है।
इस स्टोरेज सिस्टम को अपनाने के पांच मुख्य कारण हैं – पहला, यह फाइल्स को लैपटॉप, ड्राइव और क्लाउड अकाउंट्स से सेंट्रलाइज कर देता है, जिससे डेटा बिखराव की समस्या खत्म होती है। दूसरा, क्लाउड की सीमाओं को यह सिस्टम पार कर देता है, जहां बड़े फाइल्स की अपलोडिंग न तो महंगी होती है, न धीमी। तीसरा, यह सिंगल डिवाइस बैकअप के जोखिम को खत्म करता है और RAID सपोर्ट के जरिए ड्राइव फेल होने पर भी डेटा को सुरक्षित रखता है। चौथा, रिमोट वर्किंग में यह टूल फाइल्स को सुरक्षित और तेज तरीके से शेयर करने में मदद करता है। पांचवां और सबसे अहम, यह भविष्य के लिहाज से पूरी तरह तैयार है, जहां प्रोफेशनल और शौकिया क्रिएटर्स के बीच गुणवत्ता का अंतर स्केलेबल टूल्स के जरिए और भी स्पष्ट हो जाएगा।
डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस डिजिटल वर्कफ्लो को नया आयाम दे रहा है। वेव्स समिट 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह कहा था कि यह समय ‘क्रिएट इन इंडिया’ और ‘क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ का है। इसके लिए टैलेंट के साथ-साथ स्मार्ट टूल्स की भी जरूरत है। वेस्टर्न डिजिटल का यह समाधान न केवल परफॉर्मेंस और स्केलेबिलिटी प्रदान करता है, बल्कि अगली पीढ़ी के भारतीय क्रिएटर्स को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम भूमिका निभा रहा है।