वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मुजफ्फरनगर के मुस्तफाबाद पचैण्डा में आयोजित विशाल समरसता सम्मेलन में सामाजिक समानता और अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए उनके विचारों को स्मरण किया।
जयंत चौधरी ने कहा कि समान अवसर, समान अधिकार और सभी का सम्मान ही समरस समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। सामाजिक न्याय और समानता के बिना राष्ट्र की प्रगति को पूर्ण नहीं माना जा सकता।
राष्ट्रीय लोकदल के नेता रोहित अग्रवाल ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का भी मानना था कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलें। उन्होंने कहा कि इसी विचारधारा के अनुरूप राष्ट्रीय लोकदल संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समान अवसर के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में सामाजिक समरसता और सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को मजबूत करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
जयंत चौधरी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी सामाजिक समानता और अधिकारों के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने सामाजिक भेदभाव को दूर कर सभी नागरिकों को समान सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने कहा कि समान अधिकार, अवसर और सम्मान की भावना को मजबूत करना ही समरस समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।