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फर्जी आइडी, असलहा और अपहरण से कारोबारी से 13 लाख व जेवर ऐंठे, छह गिरफ्तार

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। कृष्णानगर में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कारोबारी का अपहरण कर 13 लाख रुपये और जेवर वसूलने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने कारोबारी को असलहे के बल पर बंधक बनाया और पत्नी को फोन कराकर घर से नकदी व जेवर मंगवाए थे। डीसीपी दक्षिण मोहम्मद मुश्ताक ने मामले का राजफाश किया।
राजेंद्रनगर निवासी कारोबारी सुदर्शन घोष ने 13 सितंबर को कृष्णानगर थाने में अपहरण और फिरौती की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। कारोबारी के अनुसार, वह कार्यालय जा रहे थे, तभी बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए फर्जी पहचान पत्र दिखाया और जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद असलहे के बल पर मारपीट की गई और पत्नी को फोन कराकर 13 लाख रुपये व जेवर मंगवाए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात सुनियोजित थी। गिरोह ने लखनऊ के एक व्यक्ति के माध्यम से कारोबारी की आर्थिक स्थिति और आवाजाही की जानकारी जुटाई थी। आरोपितों ने कई दिनों तक रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। खुलासे के लिए पुलिस की आठ टीमों और सर्विलांस सेल को लगाया गया। टीमों ने घटनास्थल से लेकर वारदात के रूट तक 220 से 240 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट के आधार पर पुलिस ने अनुराग, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, अनुराग कुमार, आकाश चौधरी और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे और वारदात के बाद अलग-अलग राज्यों में फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित नई वारदात के इरादे से दोबारा लखनऊ आए थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और वसूली गई रकम व जेवर की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

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