वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी ताकत के साथ समृद्ध खानपान परंपरा भी देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी। ट्रेड शो के फूड कोर्ट में ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद एक ही परिसर में मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों और खानपान से जुड़े कारोबार को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद है।
‘यूपी का स्वाद’ में मोदीनगर की जैन शिकंजी, खुर्जा की खुरचन, मुरादाबाद की दाल व बिस्कुट रोटी, नोएडा की गुर्जरी थाली, लखनऊ के गलौटी व टुंडे कबाब और लखनवी बिरयानी शामिल होंगे। वाराणसी का बनारसी पान, टमाटर चाट व कुल्हड़ चाय, कानपुर की दही-जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा व बेढ़ई, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज की तहरी, लस्सी व चाट और बलिया की लिट्टी-चोखा भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
‘यूपी की खाऊ गली’ में बनारस, कानपुर, अवध, जौनपुर, लखीमपुर, अलीगढ़, आगरा, मुरादाबाद, नोएडा, बरेली, गाजियाबाद, बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय स्वाद पेश किए जाएंगे। फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विशेष स्टॉल भी होगा, जहां ग्रामीण समूहों के तैयार उत्पाद और व्यंजन प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा डोमिनोज, सबवे, केएफसी, बर्गर किंग, बीकानेरवाला, चायोस, बरिस्ता समेत कई लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठानों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
ट्रेड शो के माध्यम से प्रदेश के उद्योग, निवेश और निर्यात क्षमता के साथ स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान और उद्यमिता को भी मंच मिलेगा। ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ प्रदेश की विविध खानपान संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की पहल होगी।