वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 में चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद योग्यता के आधार पर मिली नौकरी से उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए सरकार के प्रति आभार जताया।
लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा दो नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम घोषित हुआ। संजीव के मुताबिक पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता का भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) पद पर चयन हुआ है। यह यूपी पुलिस में उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे।
पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि चयन में किसी तरह के पक्षपात, लेनदेन या सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि आवेदन के अलावा कोई खर्च नहीं हुआ। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन वर्ष की तैयारी के बाद मिली सफलता परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। धीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह पांच वर्ष से तैयारी कर रहे थे। वहीं सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि 2021 से तैयारी में जुटे थे। सभी ने मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने को यादगार क्षण बताया।