वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगले छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रदेश में हर सप्ताह बड़ा भर्ती इवेंट होगा। रविवार को लोक भवन में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और 22 सितंबर को भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। इनमें 173 महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया शासन के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक है। 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद, सिफारिश और लेनदेन के आरोप लगते थे। अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति, प्रशिक्षण और तैनाती तक योग्यता के आधार पर अवसर सुनिश्चित किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि 2017 के बाद साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्ति मिली है। पुलिस भर्ती व्यवस्था में सुधार के साथ प्रशिक्षण क्षमता छह हजार से बढ़कर 60 हजार से अधिक हुई है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी 44 हजार से अधिक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग काम नहीं कर पाए, वे बोलते रहेंगे, जबकि सरकार नियुक्तियां देती रहेगी। उन्होंने नवचयनित पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पुलिस सेवा में कर्तव्य पहले और अधिकार बाद में आता है। नौकरी मिलने पर अहंकार नहीं, जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा।