वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न वादों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया गया। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजन रॉय, अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा उपसमिति, लखनऊ की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 135 वादों का निस्तारण हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना रहा। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से संबंधित पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ ही समय और संसाधनों की बचत भी होती है।
लोक अदालत में निस्तारित किए गए 135 वादों में संबंधित पक्षकारों को कुल 6,34,06,017.40 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। न्यायालय की ओर से सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किए जाने से पक्षकारों को राहत मिली।
आयोजन के दौरान संबंधित वादों में शामिल पक्षकारों को समझौते के आधार पर मामलों के समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विधिक सेवा तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निस्तारण के साथ पक्षकारों को यह संदेश भी मिला कि आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से विवादों का प्रभावी समाधान संभव है। 135 मामलों के निस्तारण के साथ करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि दिलाया जाना लोक अदालत की कार्यवाही की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।