वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आवागमन की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में सोमवार को लखनऊ में दोनों राज्यों के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की मौजूदगी में अंतरराज्यीय बस सेवाओं के विस्तार, नए मार्गों के निर्धारण और किराये में एकरूपता समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार और मई 2026 में हुए इसके विस्तार के तहत निर्धारित 25 मार्गों पर बस संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बिहार के विभिन्न जिलों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए बस सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।
अधिकारियों ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 88 के प्रावधानों के तहत अंतरराज्यीय मार्गों पर स्टेज कैरिज बसों के संचालन को लेकर विचार-विमर्श किया। प्रस्तावित मार्गों पर आगे की कार्रवाई दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी आपसी समन्वय से करेंगे।
बिहार सरकार की ओर से अनुरोधित मार्गों का मानचित्र समेत विस्तृत विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही गई। दोनों राज्यों में हाल के वर्षों में बने नए हाईवे को देखते हुए नए बस मार्ग निर्धारित करने के लिए जल्द ही दूसरे चरण की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में दोनों राज्यों की बसों के किराये में एकरूपता लाने पर सहमति बनी। साथ ही नए मार्गों का पुनः परीक्षण कर समतुल्य किलोमीटर के आधार पर समझौता करने पर भी सहमति जताई गई। बिहार सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देने का आश्वासन दिया। इससे खासकर सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।