वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बाराबंकी/ रायबरेली। एपीडा और न्यूजीलैंड के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली जिलों के प्रमुख शहद उत्पादक क्षेत्रों का दौरा किया। यह भ्रमण कृषि एवं शहद उत्पादकता साझेदारी कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य तकनीकी सहयोग के माध्यम से प्रदेश के शहद उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। निदेशक उद्यान बीपी राम के अनुसार, न्यूजीलैंड कृषि मंत्रालय के अधिकारी एशन जयवर्धने और एपीडा के संदीप साहा ने क्षेत्रीय इकाइयों और किसानों से विस्तृत बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल ने बाराबंकी के देवा रोड स्थित फतेहपुर रजौली गांव में निमित सिंह की मधुमक्खी उत्पादन, प्रोसेसिंग एवं निर्यात इकाई का निरीक्षण किया और किसानों को समूह बनाकर निर्यात से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद टीम ने लखनऊ के गोसाईगंज में मधुमक्खी पालक बृजेश कुमार वर्मा की प्रोसेसिंग यूनिट का दौरा किया, जो स्वयं सहायता समूहों और किसानों को जोड़कर शहद की मार्केटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रायबरेली के शिवगढ़ स्थित राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी का भी निरीक्षण किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने हाईटेक नर्सरी में उन्नत पौध उत्पादन तकनीकों का जायजा लिया और शहद उद्योग की चुनौतियों एवं अवसरों पर हितधारकों के साथ संवाद किया। टीम ने तकनीकी सुधारों और निर्यात संवर्धन की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।