वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी है। डिजिटल क्रांति के दौर में कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में सतर्कता, तत्परता और पारदर्शिता बरतनी होगी।
उप मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के 60वें प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संगठन के निवर्तमान पदाधिकारियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए नव निर्वाचित नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं। कहा कि संगठनों में समय-समय पर नेतृत्व का चयन स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है।
केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार गरीब कल्याण, किसान हित और महिला सशक्तीकरण समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। विशाल आबादी वाले प्रदेश में इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अहम है। पुरानी कार्यशैली और सुस्ती से अब काम नहीं चलेगा। कर्मचारियों को संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा से कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने आम नागरिक को अधिक जागरूक और सशक्त बनाया है। ऐसे में सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता की अपेक्षा भी बढ़ी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आगाह किया कि किसी भी अनियमितता या गलत कार्य से नौकरी और प्रतिष्ठा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समयबद्ध और उचित समाधान उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। कर्मचारियों की जायज समस्याओं के नियमानुसार समाधान के लिए भी शासन स्तर से सहयोग का आश्वासन दिया।