वेब वार्ता/अजय कुमार
लखनऊ/ नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिम्पल यादव ने भाजपा सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी का दमन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर बच्चों के अकाउंट हटवा रही है और छात्र आंदोलनों के दौरान सरकार के खिलाफ पोस्ट या रील साझा करने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है।
बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान डिम्पल यादव ने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की बुनियाद है, लेकिन केंद्र सरकार उसे खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। परीक्षा पत्र लगातार लीक हो रहे हैं, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सपा सांसद ने कहा कि विपक्ष अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चंदे के मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है। साथ ही छात्र-युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता पर भी गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा जाना चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
डिम्पल यादव ने नारी वंदन बिल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में पारित होने के बावजूद महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा सीटों के आधार पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए। परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का रुख पहले जैसा ही बना हुआ है।