वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। सोशल मीडिया में निरन्तर प्रसारित हो रही एक वीडियो क्लिप में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इस आशय का वक्तव्य कहते दिखाया जा रहा है की मनुस्मृति बलात्कारियों को संरक्षण देती है। इससे मनुस्मृति को पवित्र ग्रन्थ मानने वाले करोड़ों आस्थावान लोगों को बड़ी पीड़ा हुई है। उनकी और से धर्मांसद विकास पाटनी ने निन्दा प्रस्ताव रखा है।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि परम धर्म संसद् १००८ ने राहुल गांधी के इस वक्तव्य की घोर निन्दा करते हुए उनसे शीघ्रता से अपने आशय को स्पष्ट करने या क्षमायाचना करने की माँग किया है। परम धर्म संसद् १००८ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी एक महीने के भीतर यह भी बताएं कि इस परिस्थिति में उन्हें हिन्दू धर्म आधारभूत ग्रन्थ की निन्दा करने के कारण हिन्दू धर्म से बहिष्कृत क्यों न घोषित किया जाए?