वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अभ्यर्थियों और आमजन को सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही फर्जी और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग के नाम, लोगो और आधिकारिक लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोगों द्वारा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। ऐसी किसी भी जानकारी को मान्यता नहीं दी जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा आयोग के आधिकारिक प्रतीकों और दस्तावेजों का अनधिकृत उपयोग करते हुए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर गलत सूचनाएं साझा की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी सूचनाओं का उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्हें आयोग द्वारा जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना कर्नलगंज, जनपद प्रयागराज में लिखित सूचना भी दी गई है। आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या किसी अन्य अनधिकृत माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा न करें और ऐसी सामग्री को आगे प्रसारित भी न करें।
उन्होंने कहा कि आयोग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे भर्ती विज्ञप्ति, परीक्षा कार्यक्रम, संशोधन, चयन प्रक्रिया और अन्य सूचनाएं केवल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी की जाती हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं का ही अनुसरण करें।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने से अभ्यर्थी भ्रम और गलत दिशा में जाने से बच सकेंगे। आयोग अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।