वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026 में कहा कि प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों ने अपने कौशल और परिश्रम से भारत की समृद्ध विरासत को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वाधीनता आंदोलन में स्वदेशी के संकल्प का प्रतीक है। प्रदेश सरकार बुनकरों और हस्तशिल्पियों के कल्याण तथा उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना और झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। इस दौरान हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं और संस्थागत भागीदारों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के करीब 30 लाख लोगों की आजीविका हथकरघा और पावरलूम उद्योग से जुड़ी है। सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 40 हजार बुनकरों को 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ और हरदोई के बीच एक हजार एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है, जबकि प्रदेश के पांच स्थानों पर संत कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, भदोही, बाराबंकी और मिर्जापुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी विभागों, अस्पतालों और गेस्टहाउसों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे कारीगरों की आय बढ़ेगी, उत्पादों की ब्रांडिंग होगी और स्वदेशी को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक जयदेवी, नीरज बोरा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।