– विभाग ने शुरू की नई पहल
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को जल्द ही सामूहिक बीमा सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस दिशा में पहल शुरू करते हुए 19 नवंबर को शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाने का फैसला किया है। नए साल में प्रदेश के हजारों शिक्षकों-कर्मचारियों को बीमा संरक्षण का उपहार मिलने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों को पहले सामूहिक बीमा का लाभ मिलता था। उस समय ग्रेड-पे के आधार पर उनके वेतन से 167 रुपये प्रतिमाह कटौती की जाती थी, लेकिन लगभग एक दशक पहले यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इसके बाद से शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार बीमा सुविधा बहाल करने की मांग उठाई जा रही थी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि एलआईसी ने 2019 में यह सूचित किया था कि 2013 से सभी समूह बीमा पॉलिसियां बंद कर दी गई हैं, जिसके बाद 2014 में यह योजना समाप्त हो गई। हालांकि अब एलआईसी ने एडेड विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए नई ग्रुप टर्म एश्योरेंस स्कीम उपलब्ध कराने की बात कही है। इस योजना के तहत बीमा सुरक्षा तो मिलेगी, लेकिन सेवानिवृत्ति पर कोई भुगतान नहीं होगा।
विभाग ने इस प्रस्ताव पर शिक्षकों और कर्मचारियों के सुझाव लेने के लिए 19 नवंबर को बैठक तय की है। अधिकारी चाहते हैं कि इस योजना को अंतिम रूप देते समय सभी पक्षों की राय ली जाए ताकि एक सहमति-आधारित निर्णय लिया जा सके।
इस बीच, माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि नई बीमा योजना पूर्व की तरह लागू की जानी चाहिए और आवश्यक कटौती निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के 4552 एडेड कॉलेजों में कार्यरत लगभग एक लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। हालांकि उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि शिक्षा विभाग की बैठक में उनके संगठन को आमंत्रित नहीं किया गया। बीमा सुरक्षा को लेकर शुरू हुई यह पहल लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि बैठक के बाद इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।