– पांच आईपीएस अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
– यूपी से राजस्थान, कश्मीर, पश्चिम बंगाल तक फैली है जड़ें
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मुरादाबाद। प्रदेश में सामने आए 600 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी के प्रकरण ने शासन-प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। मुरादाबाद में दर्ज नौ मुकदमों के साथ-साथ प्रदेश के 45 जिलों में फैले 147 मामलों की एकीकृत निगरानी के लिए डीजीपी ने राज्यस्तरीय एसआईटी का गठन किया है। इस उच्चस्तरीय जांच टीम की कमान आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के आईजी सुनील मेनुएल को सौंपी गई है।
राज्यस्तरीय एसआईटी ने शनिवार को 45 जिलों में गठित स्थानीय एसआईटी टीमों के साथ ऑनलाइन बैठक कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। टीम ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों से एक सप्ताह के भीतर मामलों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लखनऊ भेजे जाएं। अब सभी स्थानीय टीमें राज्य स्तरीय एसआईटी के निर्देशन में आगे की कार्रवाई करेंगी। मुरादाबाद में जीएसटी चोरी के नौ मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्जी फर्मों के नेटवर्क के माध्यम से 600 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी की गई है। शासन स्तर पर समीक्षा के दौरान यह भी पता चला कि प्रदेश के 45 जिलों में कुल 147 मुकदमे इसी तरह के आर्थिक अपराध से जुड़े हुए हैं। इन सभी की गहन जांच और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय एसआईटी गठित की है, जिसमें आईजी सुनील मेनुएल के अलावा आईपीएस सुशील घुले चंद्रभान, अविनाश पांडेय, बबिता सिंह और प्रेम कुमार शुक्ला शामिल हैं।
शनिवार को हुई ऑनलाइन बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली, जिसमें एक-एक केस की समीक्षा की गई। टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी गिरफ्तारी, हिरासत में लेकर पूछताछ या चार्जशीट दाखिल करने से पहले राज्यस्तरीय एसआईटी से अनुमोदन लिया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला तब उजागर हुआ जब 24 अक्टूबर को चेकिंग के दौरान दो ट्रक पकड़े गए, जिनमें बिना टैक्स चुकाए सरिया ले जाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि दो मोबाइल नंबरों पर 122 फर्जी फर्मों का पंजीकरण किया गया था। इन्हीं फर्मों के माध्यम से 400 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी उजागर हो चुकी है। इस मामले में अब तक नौ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जिले में एसएसपी सतपाल अंतिल ने एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार के नेतृत्व में 11 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है, जो अब राज्यस्तरीय टीम के समन्वय में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
प्रदेश स्तर पर एसआईटी गठित की गई है। जिले में जीएसटी चोरी की जांच यहां की एसआईटी करेगी और साक्ष्य जुटाएगी। लखनऊ में बनाई गई एसआईटी सुपरविजन करेगी। – सुभाषचंद्र गंगवार, एसपी क्राइम