वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रतापगढ़। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के साथ माघ मेले में हुए कथित अन्याय के विरोध में प्रस्तावित “अन्याय प्रतिकार यात्रा” को प्रशासन द्वारा धारा 144 का हवाला देकर रोके जाने पर सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय युवा विद्यार्थी संगठन के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा सक्षम सिंह योगी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि यात्रा से दो दिन पूर्व ही प्रशासन को सूचना और अनुमति पत्र सौंप दिया गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने दो दिनों तक पत्र लंबित रखा और अनुमति मिलने का आश्वासन देते रहे। यात्रा की पूर्व संध्या पर रात करीब आठ बजे एसडीएम पट्टी ने फोन कर धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया। राजा सक्षम सिंह योगी ने सवाल उठाया कि यदि धारा 144 पहले से लागू थी तो समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और कानून के दायरे में आयोजित की जा रही थी। किसी भी स्तर पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की ठोस आशंका नहीं जताई गई और न ही कोई लिखित या विधिसम्मत कारण बताया गया। इसके बावजूद यात्रा रोके जाने से स्पष्ट है कि धारा 144 का प्रयोग जनआवाज़ को दबाने के लिए किया गया।
उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। साथ ही कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकना प्रशासनिक मनमानी को दर्शाता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह कानून का सम्मान करेगा और अवमानना नहीं करेगा। यात्रा की अनुमति न मिलने की स्थिति में 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।