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हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : योगी आदित्यनाथ, C.M.

– मुख्यमंत्री ने ‘जल जीवन मिशन-हर घर नल योजना’ की समीक्षा की
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ‘जल जीवन मिशन-हर घर नल योजना’ की समीक्षा की। बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम तथा विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह केवल पेयजल आपूर्ति की योजना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से सीधा जुड़ा मिशन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की समय-सीमा और गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा और किसी भी स्तर पर धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के हर घर में 15 दिसंबर 2025 तक नल से शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि तक न केवल नल कनेक्शन लगाए जाएं, बल्कि थर्ड पार्टी ऑडिट भी करा लिया जाए। फेज-2 और फेज-3 की 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को भी फेज-1 के अनुरूप 15 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए, जबकि वर्तमान में 75 प्रतिशत तक पूर्ण कार्यों को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने एनसीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, मेघा इंजीनियरिंग, पीएनसी इंफ्राटेक, आईसी इंफ्रा, पावर मैक और कल्पतरु प्रोजेक्ट्स सहित कई एजेंसियों के प्रतिनिधियों से फील्ड में काम के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान, अवशेष कार्य और समय-सीमा के पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी एजेंसियां पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करें।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कुल 90,223 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें 63 सतही स्रोत आधारित और 548 भूजल स्रोत आधारित योजनाएं शामिल हैं। अब तक 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वर्तमान में 34,274 गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है।
मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि केंद्र सरकार द्वारा मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और परियोजना लागत में वृद्धि का प्रस्ताव विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्यों को निरंतर जारी रखेगी ताकि जनता को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि केंद्र सरकार के नामित नोडल अधिकारियों ने प्रदेश के 74 जिलों में 147 योजनाओं का निरीक्षण किया, जिनमें से 132 योजनाएं संतोषजनक पाई गईं। जल जीवन मिशन की शिकायत निवारण प्रणाली के तहत विकसित पोर्टल ‘जल समाधान’ को अब तक 13.5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। इस पोर्टल पर 62,688 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 46,354 का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का संतोषजनक और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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