वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक भयानक सनसनी फैल गई, जब चार दिन से बंद वेज बिरयानी की दुकान के फ्रीजर में एक युवक का सड़ा हुआ शव बरामद हुआ। दुकान पिछले चार दिनों से बंद थी, जिससे फ्रीजर में शव रखे होने के बावजूद दुर्गंध नहीं फैली और घटना का पता देर से चला। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल तैनात हो गया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस की जांच में मृतक की पहचान 38 वर्षीय विजय पाल के रूप में हुई है, जो बीकेटी के किशनपुर मजरा मदारीपुर, इन्दौरा बाग का निवासी था और मेहनत–मजदूरी से जीवनयापन करता था। परिजनों के अनुसार वह करीब पांच साल पहले पत्नी से अलग हो गया था, जिसके बाद अकेले रहने लगा और शराब का आदी हो गया। उसके चचेरे भाई भानू ने बताया कि विजय पहले वाई–फाई से जुड़ा काम करता था और कुछ समय दिल्ली में भी रहा, लेकिन लंबे समय से बीकेटी इलाके में ही रुका हुआ था।
फ्रीजर में शव मिलने के बावजूद क्राइम सीन को पर्याप्त रूप से सुरक्षित न रखे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। जांच अधिकारी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि शव की जेब से आधार कार्ड मिला है और पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि मौत के कारणों और वारदात कैसे हुई, इसका पता लगाया जा सके। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शव फ्रीजर में कैसे और कब रखा गया था, न ही यह तय हुआ है कि मौत हत्या है या कुछ और।
इस घटना के बीच लखनऊ में हाल ही में आशियाना क्षेत्र का ब्लू ड्रम वाला मानवेंद्र सिंह हत्याकांड भी अभी ठंडा नहीं पड़ा है, जहां बीबीए छात्र ने पिता की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए थे। अब बीकेटी में बिरयानी शॉप के फ्रीजर में शव मिलने की घटना ने शहर में एक बार फिर डर और हड़कंप का माहौल बना दिया है और जांच अधिकारियों पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।