वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा “पञ्च कोश एवं जीवन प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को जीवन प्रबंधन में ‘पञ्च कोश’ की वैदिक अवधारणा से परिचित कराना था, जिससे वे अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को बेहतर बना सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. राज कुमार मित्तल, कुलगुरु बीबीएयू, एवं अन्य अतिथियों द्वारा डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। योग विभाग की छात्राओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण से कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण का संचार किया, जिसके पश्चात विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
आईक्यूएसी की निदेशिका प्रो. शिल्पी वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य विषय “पञ्च कोश एवं जीवन प्रबंधन” पर योग विभाग की शोध छात्रा डॉली आर्या ने संक्षिप्त प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेन्द्र सिंह, सहायक आचार्य, योग विभाग द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी ने ‘ॐ’ के तीन बार उच्चारण के साथ संवादात्मक शैली में व्याख्यान आरंभ किया। उन्होंने अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनन्दमय कोशों की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि ये पंच कोश व्यक्ति के समग्र विकास, चरित्र निर्माण और आंतरिक संतुलन के आधार हैं। उन्होंने ध्यान, सेवा, संयम, स्वाध्याय और अपरिग्रह को जीवन प्रबंधन के मूल सूत्र बताया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राज कुमार मित्तल ने श्री कोठारी के विचारों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों से इन सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। डॉ. नरेन्द्र सिंह के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।