– लोकार्पण के 25 दिन, 53 जगह धंसा एक्सप्रेसवे, 4200 करोड़ से हुआ था निर्माण, एनआईटी टीम ने शुरू की जांच
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाओं के बाद आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम ने जांच तेज कर दी है। जांच के दूसरे दिन टीम ने एक्सप्रेसवे के आठ स्थानों से निर्माण सामग्री के नमूने एकत्र किए। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में निर्माण सामग्री को निर्धारित अनुपात में मिलाने को लेकर गड़बड़ी की आशंका सामने आई है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष आईआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।
एनएचएआई के इस एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय में सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। मामले की तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में गठित विशेषज्ञ टीम कर रही है। टीम शुक्रवार को एक्सप्रेसवे पहुंची थी और शनिवार को भी विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान सड़क की परतों और इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए हैं। प्रारंभिक स्तर पर सामग्री के मिश्रण में निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुपात नहीं होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा गया है। बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से सड़क की मजबूती पर असर पड़ने की संभावना भी जांची जा रही है। एक्सप्रेसवे के निर्माण और रखरखाव से जुड़ी कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक की ओर से उन्नाव में क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। शनिवार को भी एक स्थान पर मरम्मत के चलते यातायात डायवर्ट किया गया।
इधर, मामले में एनएचएआई के पूर्व परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर उनकी जगह नवरतन को जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के जरिए रिकाॅर्ड बनाने पर ही एनएचएआई का पूरा फोकस रहा। मसलन, सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन वाला एक्सप्रेसवे, प्रतिकिमी लागत के लिहाज से एवं सबसे महंगे टोल वाला एक्सप्रेसवे बनाया गया। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। जांच रिपोर्ट हफ्तेभर में तैयार हो जाएगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की अनदेखी में एनएचएआई अफसरों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के महज 25 दिनों के भीतर सड़क 53 अलग-अलग स्थानों पर धंस चुकी है। शुक्रवार को भी सात जगहों पर 108 मीटर सड़क धंसने के बाद एनएचएआई के नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर और आंध्र प्रदेश की एनआईटी टीम ने निरीक्षण कर कंक्रीट व मिट्टी के सैंपल लिए हैं।
कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में सड़क मरम्मत का कार्य पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने गत दिवस काम पूरा कर लिया है। वहीं शनिवार को एक अन्य जगह पर सड़क मरम्मत शुरू की गई है, जिसकी वजह से डायवर्जन किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पीएनसी मरम्मत कार्याें को हड़बड़ी में पूरा कर रही है। चूंकि निर्माण पर होने वाला खर्च पीएनसी को ही करना है, इसलिए टीम बचत की जुगत में लगी है।