वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का दस दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। 18 से 27 जून तक आयोजित इस प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लेखाकारों और एमआईएस सहायकों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली तथा डेटा प्रबंधन में दक्ष बनाना था, ताकि संकुल स्तरीय संघ पारदर्शिता और व्यावसायिकता के साथ कार्य कर सकें।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने कहा कि मॉडल संकुल संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ‘गरीबी मुक्त गांव’ के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मिशन प्रबंधक प्रभारी डॉ. नंदकिशोर साह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को गरीबी के विभिन्न आयामों, समूह गठन की आवश्यकता, प्रभावी समूह संचालन, संकुल स्तरीय संघ की संरचना तथा संगठनात्मक व्यवस्था से परिचित कराया गया। इसके साथ ही सदस्यता, शासन और परिचालन जैसे प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण में वित्तीय प्रणाली, लेखांकन चक्र, दोहरी लेखा प्रणाली, रसीद एवं वाउचर प्रबंधन, खाता बही लेखन, प्राप्ति-भुगतान पत्रक, आय-व्यय विवरण, आर्थिक चिट्ठा, ऋण प्रबंधन, वित्तीय निष्पादन सूचकांक, बचत, बीमा तथा अन्य वित्तीय उत्पादों पर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। प्रतिभागियों को संकुल स्तरीय संघ के लिए योजना प्रपत्र भरने और आंकड़ों के प्रभावी प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में डॉ. सीमा राठौर, प्रशिक्षण प्रसार अधिकारी तथा डॉ. नंदकिशोर साह ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रशिक्षण में गाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर और शामली सहित विभिन्न जनपदों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्य संसाधन व्यक्ति बैजनाथ राम, जिला संसाधन व्यक्ति अमित कुमार सिंह तोमर, मेघा वर्मा, सोनिया, देवेंद्र मिश्रा, कुमारी विमलेश, राजेंद्र सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य प्रशिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।