वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
मिर्जापुर। विंध्यवासिनी मंदिर और विंध्य कॉरिडोर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में मंदिर और परिसर में पांच निजी सीसीटीवी कैमरे लगे मिले। इन कैमरों के जरिए मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों की गतिविधियों पर नजर रखे जाने के साथ ही वीआईपी के मंदिर आगमन की जानकारी भी जुटाई जा रही थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच निजी कैमरों की मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित है और पुलिसकर्मियों की तैनाती भी रहती है। इसके अलावा परिसर में हाई रिजोल्यूशन के एआई कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद निजी स्तर पर पांच कैमरे लगाए जाने और लंबे समय तक इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को न होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों ने मंदिर परिसर में निजी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों से मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। साथ ही वीआईपी के मंदिर पहुंचने की जानकारी भी कैमरों के माध्यम से जुटाए जाने की बात सामने आई है।
मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ पंडा समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी में निजी कैमरों को हटवा दिया गया। हालांकि कैमरे लगाने वाले लोगों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विंध्य कॉरिडोर के सचिव व सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में निजी कैमरे लगे मिले थे। संबंधित लोगों को चेतावनी देकर कैमरे हटवा दिए गए हैं। वहीं पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने कहा कि मामला सामने आने के बाद निजी कैमरे हटा दिए गए, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।