वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का असर बना हुआ है, लेकिन इसकी गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्वी तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर पहुंच गया है। इसके प्रभाव से मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ा दक्षिण की ओर खिसक गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले 24 घंटे में दक्षिणी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। मानसूनी द्रोण के दक्षिण की ओर खिसकने के कारण दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक प्रभावी रहने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून की सक्रियता अपेक्षाकृत सीमित रहने के आसार हैं।
मौसम तंत्र के आगे बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों में प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ सकता है। इस दौरान अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां घटकर कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा तक सीमित रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इधर, प्रदेश में तापमान भी बढ़ा है। फतेहगढ़ में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। मुरादाबाद में 36.2 और बस्ती में 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।